कम्पनी रूल : भाग -04
तो अब बहुरानी ने गद्दी संभाल ली| पुराने वफ़ादारों ने लगभग हर इंतज़ाम कर
दिया कि उन्हें कोई तकलीफ़ न हो| बहुरानी विलायत से थीं तो लोग उन्हें मैडम कह कर संबोधित करने लगे| मालकिन कहना आज के मॉडर्न बाज़ार में दकियानूसी सा लगता था | मैडम ने व्यापार की बागडोर बाक़ायदा संभाली और सारे पुराने लाइसेंस-धारी, लाइज़नर, पट्टे वाले और
कोटेदारों इत्यादि की मदद से जैसे-तैसे कर के कम्पनी को फिर से मुनाफ़े में ला खड़ा किया | मैडम की उम्र हो रही थी और अब घंटों काम उनसे
होता नहीं था| पति की मृत्यु के बाद सदमा काफ़ी सालों तक रहा और उस
डर में उन्होंने बेटे को हमेशा एक आवरण में रखने की कोशिश
की| जान की सुरक्षा बाकी किसी भी चीज़ से बढ़कर थी उस समय परिवार
के लिए | पर बेटा तो बड़ा हो ही रहा था और उसे एक न एक दिन ये सब संभालना ही था तो एक दिन
बढ़िया मुहूर्त देख कर बेटे का रोली-चन्दन से मंडन कर दिया
और कम्पनी की बागडोर बेटे को सौंप दी |
कुछ दिन तक सब ठीक चला, पर फिर व्यापार में घाटा होने लगा| अब मैडम के घुटने में समस्या होने लगी थी तो ज़्यादा ऊपर-नीचे कर नहीं पाती थीं| सारे सिपहसालारों की सलाह और मनुहार पर मैडम ने घुटनों का ऑपरेशन करवाया| एक के बाद एक टेण्डर हाथ से निकल रहे थे| नया कोई चारा दिख नहीं रहा था | घोर निराशा व्याप्त थी| बाहर से सी. ई. ओ. लाने का प्रचलन बाकी कंपनियों में शुरू हो चुका था, लेकिन यहाँ दूसरों को गल्ला थमाने का हश्र
लोग पहले देख चुके थे, तो अब दोबारा रिस्क लेने के हक़ में नहीं थे|
इस सब के बीच साल-दो-साल ऐसे ही अगड़म-बगड़म
चला| कंपनी घाटे में जाती रही और सामने
कोई चारा सुझाई नहीं दे रहा था|
अपनी गिरती तबियत और बाकी सब के मन की शंकाओं
को दरकिनार करते हुए मैडम ने फिर से कंपनी की बागडोर संभाल ली|
कुछ उसे ‘The Mummy Returns’ कह रहे तो कुछ ‘मेरे पास
माँ है’ पर अटके हुए हैं; पर
क्या कोई उस महिला के दिल से पूछ रहा कि उस ने कैसे दोबारा खड़ी करी कम्पनी
? कैसे
अपना उल्लू सीधा करने में लगे
पुराने गिद्धों को किनारे लगाया? कैसे एक बिलकुल अनजान रास्ते पर चल कर मंजिल पर
न केवल कब्ज़ा किया बल्कि लोहा भी मनवाया?
इतनी शिद्दत से जो कुनबा दोबारा खड़ा किया है उसे अपने जीते-जी कैसे बिखर जाने दें|
तो हज़रात-हज़रात-हज़रात, शांति बनाये रखें और
सम्मान देना सीखें| भद्द पिटाने के लिए
टीका-चन्दन किये, जनेउधारी बेटा कम है
क्या ?
#भईया_उवाच
#कम्पनी_रूल
#कम्पनी_रूल
~~~~ इति
समाप्तो अध्यायः! ~~~~
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