Labels
#BhaiyaSpeaks
(51)
#Hindi
(17)
#भईया_उवाच
(15)
#Kavita
(11)
#HindiKavita
(9)
Did I say that ?
(9)
Did I say that?
(8)
#हिंदीकविता
(7)
#हिन्दीकविता
(6)
#कविता
(5)
It happens!!
(5)
Poetry
(5)
Hindi Poetry
(4)
#Life
(3)
हिन्दी कविता
(3)
#
(2)
#ContemporaryIndia
(2)
#HindiPoems
(2)
#Hope
(2)
#आशा
(2)
#घास
(2)
#देश_आजकल
(2)
#भईया_उवाच #देश_आजकल #BhaiyaSpeaks
(2)
#माँ
(2)
#हिंदी
(2)
#ViciousCalledLife
(2)
#AAP
(1)
#Abuse
(1)
#AsianGames2014
(1)
#Atheist
(1)
#Betrayal
(1)
#BhagatSingh
(1)
#CRPF
(1)
#Darkness
(1)
#DelhiElections
(1)
#Democracy
(1)
#Dreams
(1)
#DurgaPuja
(1)
#FarmerSuicide
(1)
#Gorakhpur #JapaneseEncephalitis
(1)
#Kejriwal
(1)
#Kolkata
(1)
#Light
(1)
#Molestation
(1)
#Navratri
(1)
#Pujo
(1)
#RatRace
(1)
#SukmaAttack
(1)
#Sun
(1)
#Time
(1)
#WhyIAmAnAtheist
(1)
#Youth
(1)
#एकाकी_जीवन
(1)
#कर्नाटक_चुनाव #KarnatakaElections2018
(1)
#किताबघर
#क़िस्से #हिन्दी #हिन्दी_कविता
(1)
#पापा #विदाई #श्रद्धांजलि
(1)
#प्रकाश
(1)
#मोहल्ला_संस्कृति
(1)
#रौशनी
(1)
#वक्त
(1)
#शाम
(1)
#शोर
#ज़िन्दगी
#Life #हिन्दी_कविता #हिन्दी #कविता
(1)
#सपने
(1)
#सपने
#Dreams
(1)
#सर्वहारा
(1)
#स्त्री #स्त्री_विमर्श
(1)
#हिन्दी #हिन्दीकविता
(1)
#हिन्दी_कविता
(1)
Happy Holi
(1)
Incredible India
(1)
It happens
(1)
It happens¡
(1)
Sunday
(1)
The forgotten art of #LetterWriting
(1)
अँधेरा
(1)
अवसरवादिता
(1)
इतवार
(1)
उत्तर प्रदेश चुनाव
(1)
कविता
(1)
चलो आज अपने पर खोलते हैं।
(1)
लोकतंत्र
(1)
हिन्दी
(1)
हैप्पी होली
(1)
Tuesday, 18 February 2014
Monday, 3 February 2014
क्यूँ ये हिचकिचाहट??
तो क्यूँ ये हिचकिचाहट
कुछ तो फर्क है, कुछ कमी और सब कुछ होने में।।
कुछ तो फर्क है सब पाने और कुछ खो देने में।।
कुछ तो फर्क है सोते रहने और एक सपना बोने में।।
कुछ तो फर्क है जिंदा होने और सचमुच जी लेने में।।
कुछ तो फर्क है अकेले पड़े रहने और किसी को अपना बना लेने में।।
कुछ तो फर्क है खुद खुश रहने और दूसरे के आंसू मिटाने में ।।
कुछ तो फर्क है अपनी खुशियाँ संजोने और कुछ मुस्कुराहटें बाँट लेने में।।
जब अंदाजा है इतना इस फर्क का इस कदर...
तो क्यूँ ये हिचकिचाहट,
बढ़ते हैं आगे...
बढाते हैं हाथ...
उठाते हैं दायित्व...
थामते हैं कुछ हाथ...
पोछते हैं कुछ आंसू...
बाँटते हैं कुछ खुशियाँ...
फैलाते हैं कुछ मुस्कुराहटें...
बोते हैं कुछ अरमान...
संजोते हैं कुछ सपने...
'करते हैं कुछ'...
'कर दिखाते हैं कुछ' !!
#BhaiyaSpeaks
#BhaiyaSpeaks
Subscribe to:
Posts (Atom)