अब हद कर के तो देख तू!!
दिल में धुआं बाकी है ग़र अब भी,
एक खिड़की और खोल कर तो देख तू!
दिल में कसक बाकी है ग़र अब भी,
एक अदद कोशिश कर के तो देख तू!
दिल कहता है कि बाकी है गुंजाइश है ग़र अब भी,
एक बार फिर पलकें खोल कर तो देख तू!
दिल कहता है की कहानी पूरी नहीं ग़र अब तलक,
कुछ और पंक्तियाँ जोड़ कर तो देख तू!
दिल पूछता है कि मैं हूँ या नहीं,
खुद को सब में भुला कर तो देख तू!
दिल कहता है कि उस से मिला के ला मुझको,
एक बार उसे आत्मसात कर के तो देख तू!
दिल कहता है की सफ़र पूरा नहीं ग़र अब भी,
चन्द कदम और चल कर तो देख तू!
ऊंचाइयों को पाना इतना मुश्किल भी नहीं,
एक अदद सीढ़ी और चढ़ कर तो देख तू!
दिल कहता है की सूरज निकलेगा फिर,
इस रात को तसल्ली से बिता कर तो देख तू!
स्वयं को रोक कर हो मन भर चूका अगर,
बस एक बार अब हद कर के तो देख तू!
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